•पिता की सख्ती बर्दाशत करो, ताकी काबील बन सको, मनुष्य के अंदर मनुष्य का जन्म होना यह भगवान का सबसे बड़ा आशीर्वाद है यह हमारे पूर्व जनों के कर्मों के अनुसार ही हमें माता पिता प्राप्त आते हैं माता के चरणों में सदा ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त होता है ग्रह में माता को चंद्रमा पिता को सूर्य माना गया है चंद्रमा मन है तो पिता सूर्य आत्म बल है माता के द्वारा शरीर प्राप्त होता है तो पिता के द्वारा उसका पालन होता है
•पिता की बातें गौर से सुनो, ताकी दुसरो की न सुननी पड़े,
•पिता के सामने ऊंचा मत बोलो वरना भगवान तुमको निचा कर देगा।
•पिता का सम्मान करो, ताकी तुम्हारी संतान तुम्हारा सम्मान करे,
•पिता की इज्जत करो, ताकी इससे फायदा उठा सको,
•पिता का हुक्म मानो, ताकी खुश हाल रह सको,
•पिता के सामने नजरे झुका कर रखो, ताकी भगवान तुमको दुनियां मे आगे करे,
•पिता एक किताब है जिसपर अनुभव लिखा जाता है,
•पिता के आंसु तुम्हारे सामने न गिरे, वरना भगवान तुम्हे दुनिया से गिरा देगा,पिता
एक एसी हस्ती है ...!
माँ का मुकाम तो बेशक़ अपनी जगह है ! पर पिता का भी कुछ कम नही, माँ के कदमों मे स्वर्ग है पर पिता स्वर्ग का दरवाजा है, अगर दरवाज़ा ना ख़ुला तो अंदर कैसे जाओगे ?
जो गरमी हो या सर्दी अपने बच्चों की रोज़ी रोटी की फ़िक्र में परेशान रहता है, ना कोइ पिता के जैसा प्यार दे सकता है ना कर सकता है, अपने बच्चों से !!
याद रख़े सुरज गरम ज़रूर होता है मगर डूब जाए तो अंधेरा छा जाता है, !!
आओ आज़ सब मिलकर उस अज़ीम हस्ती के लिए कामना करते है..|
हे भगवान मेरे पिता को सेहत ओर तंदुरस्ती देना। उनकी तमाम परेशानी को दूर कर, और उन्हें हमेंशा हमारे लिए खुश रख़।
•पिता की बातें गौर से सुनो, ताकी दुसरो की न सुननी पड़े,
•पिता के सामने ऊंचा मत बोलो वरना भगवान तुमको निचा कर देगा।
•पिता का सम्मान करो, ताकी तुम्हारी संतान तुम्हारा सम्मान करे,
•पिता की इज्जत करो, ताकी इससे फायदा उठा सको,
•पिता का हुक्म मानो, ताकी खुश हाल रह सको,
•पिता के सामने नजरे झुका कर रखो, ताकी भगवान तुमको दुनियां मे आगे करे,
•पिता एक किताब है जिसपर अनुभव लिखा जाता है,
•पिता के आंसु तुम्हारे सामने न गिरे, वरना भगवान तुम्हे दुनिया से गिरा देगा,पिता
एक एसी हस्ती है ...!
माँ का मुकाम तो बेशक़ अपनी जगह है ! पर पिता का भी कुछ कम नही, माँ के कदमों मे स्वर्ग है पर पिता स्वर्ग का दरवाजा है, अगर दरवाज़ा ना ख़ुला तो अंदर कैसे जाओगे ?
जो गरमी हो या सर्दी अपने बच्चों की रोज़ी रोटी की फ़िक्र में परेशान रहता है, ना कोइ पिता के जैसा प्यार दे सकता है ना कर सकता है, अपने बच्चों से !!
याद रख़े सुरज गरम ज़रूर होता है मगर डूब जाए तो अंधेरा छा जाता है, !!
आओ आज़ सब मिलकर उस अज़ीम हस्ती के लिए कामना करते है..|
हे भगवान मेरे पिता को सेहत ओर तंदुरस्ती देना। उनकी तमाम परेशानी को दूर कर, और उन्हें हमेंशा हमारे लिए खुश रख़।

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