Tuesday, 16 October 2018

रत्नों का ज्ञान

वर्जित रत्न - किन 2 रत्नों को एक साथ नहीं पहनना चाहिए ? - अब रत्न कब पहने जा सकते है ?

कोई भी रत्न शुक्ल पक्ष में धारण करना चाहिए. रत्न धारण करते समय चंद्रमा का बल भी महत्वपूर्ण होता है. इसलिए, रत्न शुक्ल पक्ष की पञ्चमी/षष्ठी से लेकर कृष्ण पक्ष की पञ्चमी/षष्ठी तक धारण कर चाहीये। अब, शुक्ल पक्ष की पञ्चमी 14 अक्टूबर से लेकर कृष्ण पक्ष की षष्ठी 30 अक्टूबर तक कोई भी रत्न धारण किया जा सकता है।

परस्पर विरोधी ग्रहों के रत्न :
बहुत से ज्योतिषी आजकल परस्पर विरोधी ग्रहों के रत्न पहनने की सलाह दे देते हैं. मुझे एक पुरानी बात याद आ रही है. फरवरी का महीना था. थोड़ी सी कभी ठंडक हो जाती थी, और दोपहर को गर्मी. एक सरकारी अधिकारी से मिलने गया. उन्होंने पैरों के पास हीटर और ऊपर पंखा चलाया हुआ था. मुझे हंसी आई और मैंने पूछा, कि मियां सरकारी बिजली है, तो इस तरह फूँक रहे हो, पर यह तो निर्णय कर लो कि आपको सर्दी लग रही है, या गर्मी.

जब भी लोगों को, जहाँ तक कि कई ज्योतिषियों को भी पुखराज और पन्ना, आदि पहने देखता हूँ तो बात याद आ जाती है.
(यह मेरे तुच्छ विचार हैं. जो ऐसे रत्न पहनते हैं, हो सकता है, अधिक ज्ञानी हों !)

निम्न रत्नों को एक साथ नहीं पहनना चाहिए :
- माणिक्य के साथ- नीलम, हीरा/ओपल, गोमेद, लहसुनिया वर्जित है।
- मोती के साथ- हीरा/ओपल, पन्ना, नीलम, गोमेद, लहसुनिया वर्जित है।
- मूंगा के साथ- पन्ना, हीरा/ओपल, गोमेद, लहसुनिया वर्जित है।
- पन्ना के साठ- पुखराज, मूंगा, मोती वर्जित है।
- पुखराज के साथ- हीरा/ओपल, नीलम, गोमेद वर्जित है।
- हीरे के साथ- माणिक्य, मोती, मूंगा, पुखराज वर्जित है।
- नीलम के साथ- माणिक्य, मोती, पुखराज वर्जित है।
- गोमेद के साथ- माणिक्य, मूंगा, माणिक्य, पुखराज वर्जित है।
- लहसुनिया के साथ- माणिक्य, मूंगा, पुखराज, मोती वर्जित है।

नोट : 1. वैसे तो, सूर्य और बुध मित्र हैं. इसलिए, ऐसा बहुत से ज्योतिषी यह कह देते हैं, कि पन्ना और माणिक्य साथ-२ पहने जा सकते हैं. पर, व्यक्ति का लग्न कोई भी हो, अगर सूर्य सहायक ग्रह होगा, तो बुध शत्रु, और अगर बुध सहायक होगा, तो सूर्य शत्रु का काम करेगा.
2. रत्न और उपाय, केवल व्यक्ति के लग्न से निर्धारित होते हैं, राशि से नहीं. हमारे विचार में, और विद्वान् ज्योतिषियों की राय में भी, राशि, या नाम से रत्न नहीं पहना जाता. पहले अपनी कुंडली का विश्लेषण किसी अच्छे ज्योतिष से परामर्श लेवे फिर भी कोई रतन धारण करें वरना जीवन में कई परेशान के कारण भी बन सकता है।

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